अजमेर में खाद्य सामग्री के थोक व्यापारी नहीं खोल पा रहे हैं अपनी दुकानें।


खाद्य सामग्री के कारोबारियों पर कोई प्रतिबंध नहीं-कलेक्टर शर्मा।
अब फुटकर किराना दुकानों पर सामान की कमी।
दूध की गुणवत्ता की भी जांच हो-डेयरी अध्यक्ष चौधरी। 


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कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर लॉक डाउन को आगामी 14 अप्रैल तक बढ़ा देने के बाद अजमेर में भी खाद्य सामग्री को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई है। किराना के अधिकांश फुटकर व्यापारियों के पास खाद्य सामग्री की कमी हो गई है। असल में पिछले चार दिनों से चल रहे लॉक डाउन की वजह से थोक व्यापारियों के पास से माल की सप्लाई ही नहीं हो रही है। अजमेर होलसेल मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष माणकचंद सिसोदिया और प्रमुख प्रतिनिधि सरदार जोगेन्द्र सिंह ने स्वीकार किया कि कोरोना वायरस की पाबंदियों के चलते थोक सामग्री की दुकानें नहीं खुल पा रही है। खाद्य सामग्री के थेाक कारोबार में लगे व्यापारी पूरी तरह जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। यदि व्यापारियों को दुकान खोलने की अनुमति दी जाए तो वे फुटकर व्यापारियों को माल की सप्लाई कर सकते हैं। थोक व्यापारियों के पास माल की फिलहाल कोई कमी नहीं है। लेकिन आने वाले दिनों में समस्या हो सकती है। खाद्य सामग्री से भरे वाहन इधर-उधर खड़े हैं। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे वाहनों को व्यापारियों के गोदाम तक आने दिया जाए। सिसोदिया और जोगेन्द्र सिंह ने कहा कि अजमेर में कई दाल मीलें हैं। अब इन दाल मीलों से दालें अजमेर जिले से बाहर नहीं जानी चाहिए। प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। जो छोटे वाहन और उनके चालक गोदाम से फुटकर व्यापारी की दुकान तक माल सप्लाई करते हैं उन्हें आवागमन की अनुमति दी जाए। व्यापारी वर्ग प्रशासन को हर संभव सहयोग करने को तैयार है। अजमेर में खाद्य सामग्री के होलसेल कारोबार की समस्याओं के संबंध में और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 9414004464 पर माणकचंद सिसोदिया तथा 9414002389 पर सरदार जोगेन्द्र सिंह से ली जा सकती है।
कारोबारियों पर कोई प्रतिबंध नहीं:
वहीं अजमेर के जिला कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा ने कहा है कि सारकार के निर्देशों के मुताबिक खाद्य सामग्री के थोक कारोबारियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसे व्यापारी अपने दुकानें खोल सकते हैं। इस संबंध में पुलिस को भी आवश्यक निर्देश दे रखे हैं। थोक व्यापारी को माल की ढुलाई के लिए वाहनों और श्रमिकों के पास चाहिए वे सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से नियमानुसार प्राप्त किए जा सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि जो भी पाबंदियां लगाई गई है वे सब सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप है। आम लोगों को खाद्य सामग्री आसानी से उपलब्ध होती रहे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।
दूध की गुणवत्ता की जांच हो-चौधरी:
अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने कहा कि लॉक डाउन की वजह से डेयरी के दूध की मांग घटी है। लॉक डाउन से पहले दो लाख लीटर दूध की सप्लाई हो रही थी, लेकिन अब एक लाख 70 हजार लीटर दूध की ही बिक्री हो रही है। चौधरी ने जिला प्रशासन से कहा है कि मोटर साइकिल पर घर घर जाकर जो लोग दूध बेच रहे हैं उनके दूध की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। लॉक डाउन का फायदा उठाकर ऐसे लोग मिलावटी दूध बेचने का प्रयास कर रहे हैं। चौधरी ने माना कि दूध की मांग घटने की वजह से 24 मार्च की शाम और 25 मार्च की सुबह डेयरी के संग्रहण केन्द्रों पर पशु पालकों से दूध नहीं लिया गया। असल में अमूल जैसी डेयरियों ने ग्रामीण क्षेत्रों से दूध खरीदना बंद कर दिया है। इसलिए सभी पशुपालक अजमेर डेयरी के दूध संग्रहण केन्द्रों पर ही सप्लाई कर रहे हैं अजमेर डेयरी का दूध अब पंजाब और हरियाणा भी नहीं जा रहा है। इसी प्रकार स्कूलों के बंद होने से मिल डे मील में भी खपत नहीं हो रही है। 


(एस.पी.मित्तल) (25-03-2020)


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